जाने पितृ दोष के प्रभाव और शांति के लिए विशेष उपाय इस पितृ पक्ष में

Pitra Dosh Effects and Remedies
Pitra Dosh Effects and Remedies

श्राद्ध या पितृ पक्ष में पितृ दोष के प्रभाव और पितृ दोष शांति के उपाय

जातक के जीवन में पितृ दोष दो प्रकार से होता है, पहला जातक की कुंडली में पितृ दोष और दूसरा जो कुंडली में दिखाई नहीं देता और यह जातक के अतृप्त और रुष्ट पितरो (पूर्वजों) के श्राप की वजह से बनता है।

कुंडली में सूर्य और राहु की युति कुछ स्थानों (जैसे पंचम भाव में) पर होने से पितृ दोष बनता है, इसके अलावा यदि पितरो या पूर्वजों का श्राद्ध न किया गया हो, तर्पण न किया गया हो तो अतृप्त पूर्वजों की वजह से पितृ दोष बनता है।

पितृ दोष के लक्षण और प्रभाव

पितृ दोष के लक्षण और प्रभाव सामान्यतया निम्न प्रकार से होते हैं

  • विवाह में देरी या विवाह होने में बाधा,
  • रिलेशनशिप में समस्या आना,
  • पारिवारिक कलह होना
  • संतान की प्राप्ति न होना,
  • काम धंधे में प्रगति न होना और लगातार समस्या का आना,
  • स्वास्थ्य की समस्या,
  • नकारात्मक ऊर्जा का घर परिवार में होना,
  • परिवार के सदस्यों का अलग-अलग रहना,
  • मुख्य रूप से परिवार में सुख शांति नहीं रहती हैं यदि पितृ दोष होता है तो,
  • अनेकों उपाय करने के बाद भी समस्या का समाधान यदि नहीं हो रहा हो तो यह पितृ दोष का लक्षण होता है ।

पितृ दोष समाधान के उपाय

पितृ दोष के समाधान के लिए सबसे उत्तम समय श्राद्ध या पितृ पक्ष होता है, श्राद्ध में विधि-विधान से पूजन करने से पितृ दोष के सभी नकरात्मरक प्रभावों को दूर किया जाता है।

पितृ शांति का पूजन घर में न करके किसी तीर्थ स्थान या मंदिर में करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं, आप स्वामी गगन जी के द्वारा सम्पूर्ण पितृ दोष शांति करवा सकते हैं।

पितृ दोष शांति के उपाय के लिए हरीद्वार और त्रिंबकेश्वर मंदिर में पूजन करवाने के लिए हमसे संपर्क करें।

Contact Us

पितृ दोष शांति की पूजा आप निम्न तिथियों पर करवा सकते हैं:

13 सितम्बर से 28 सितम्बर 2019 तक आप किसी भी तिथि को श्राद्ध पूजा करवा सकते हैं, यदि आपके पूर्वज की श्राद्ध की तिथि आपको नहीं पता हैं तो आप सर्व पितृ अमावस्या के दिन उनका श्राद्ध पूजा कर सकते हैं ।

पूर्णिमा श्राद्ध की तिथि 13 सितम्बर 2019 हैं और
सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध की तिथि 28 सितम्बर 2019 है

पितृ दोष शांति पूजा की विधि

पितृ दोष शांति पूजन विधान निम्न प्रकार से होता है

  • पितृ आराधना,
  • मंत्र जाप,
  • तर्पण,
  • ब्राह्मण भोज,
  • ब्राम्हणों को दान,
  • पितरो को प्रसन्न करने के लिए गाय, कुत्तों, कौवों और गरीबों को भोजन कराना

पितृ दोष शांति पूजन करवाने या सम्पूर्ण पितृ दोष शांति के लिए संपर्क करें, पितृ दोष शांति का सम्पूर्ण पूजन विधान स्वामी गगन जी के सानिध्य में की जाएगी।

Contact Us

Call or Whatsapp: +919773506528
Email: swamigagan1008@gmail.com

Send Query